
भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ लिमिटेड (ट्राइफेड) के क्षेत्रीय कार्यालय, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय महोत्सव में करीब 60 स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय कारीगर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगे।
यहां क्या-क्या देखने और करने को मिलेगा
आदि महोत्सव में आने वाले लोग एक ही स्थान पर देश के अलग-अलग हिस्सों की जनजातीय कला और संस्कृति को करीब से देख सकेंगे। नागालैंड के नागा शॉल, मेघालय की पारंपरिक साड़ियां, मणिपुर की ब्लैक पॉटरी, असम की एरी सिल्क, लद्दाख की पश्मीना शॉल, राजस्थान की ब्लू पॉटरी, छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क, पश्चिम बंगाल की काथा सिल्क, कर्नाटक की कलमकारी साड़ियां, ओडिशा की सोरा पेंटिंग और महाराष्ट्र की वारली पेंटिंग यहां प्रमुख आकर्षण होंगी। मध्य प्रदेश की महेश्वरी, चंदेरी और बाघ प्रिंट वस्त्र, गोंड पेंटिंग और ब्लैक आयरन क्राफ्ट भी प्रदर्शनी में विशेष रूप से शामिल रहेंगे।
रोज अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम
बच्चे, परिवार और युवाओं के लिए खास
आदि महोत्सव में बच्चों के लिए पेंटिंग और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, वहीं युवाओं और संगीत प्रेमियों के लिए ऑर्केस्ट्रा म्यूजिकल नाइट और कराओके कार्यक्रम होंगे। परिवार के साथ आने वाले लोग शिल्प प्रदर्शनी देखने के साथ जनजातीय व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आनंद ले सकेंगे।