हरिबोल स्व सहायता समूह ने रचा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण

Update On
06-February-2026 12:07:34
Post View
2572

कोरबा। ग्रामीण अंचलों में वनोपज पर आधारित आजीविका सदियों से महिलाओं के जीवन और आर्थिक संरचना का अभिन्न हिस्सा रही है। जंगलों से प्राप्त वनोषधि एवं अन्य वनोपज न केवल पारंपरिक ज्ञान का प्रतीक हैं, बल्कि आज के समय में महिला स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सतत रोजगार का मजबूत आधार भी बन रहे हैं। जब संगठित प्रयास, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव मिलता है, तब यही वनोपज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय रचते हैं। इसी सोच को साकार करता हुआ एक सशक्त उदाहरण है डोंगानाला का हरिबोल स्व सहायता समूह है, वर्ष 2006-07 में यूरोपियन कमीशन परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत इस पहल के माध्यम से गठित हरिबोल स्व सहायता समूह ने आज महिला सशक्तिकरण की एक सफल मिसाल कायम की है। 12 महिला सदस्यों से युक्त यह समूह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र, डोंगानाला का सफल संचालन कर रहा है, जहां कच्ची वनौषधियों का संग्रहण, वैज्ञानिक पद्धति से प्रसंस्करण एवं विपणन किया जाता है। समूह की महिलाएं स्वयं जंगलों से कच्ची वनौषधि एकत्र कर, निर्धारित घटक मात्रा के अनुसार प्रसंस्करण कार्य करती हैं।

प्रसंस्करित वनौषधियों की मांग स्थानीय स्तर के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी निरंतर बनी हुई है। समूह द्वारा उत्पादित वनौषधियों का विक्रय एन.डब्ल्यू.एफ.पी. मार्ट बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कांकेर, अंबिकापुर, जगदलपुर सहित संजीवनी केंद्र केवची (कटघोरा) एवं कोरबा में किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रसंस्करण केंद्र में नियुक्त वैद्य द्वारा स्थानीय एवं आसपास के क्षेत्रों के 1500 से अधिक मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है, जिनमें वातरोग, बवासीर, पथरी, उदररोग, बांझपन, सिरदर्द, ज्वर, चर्मरोग, लकवा, टीबी, सफेद पानी सहित अनेक रोग शामिल हैं। महिलाओं द्वारा हिंगवाष्टक चूर्ण, अजमोदादि चूर्ण, अश्वगंधादि चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, अविपत्तिकर चूर्ण, बिल्वादि चूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, पंचसम चूर्ण, शतावरी चूर्ण, आमलकी चूर्ण, पायोकिल (दंतमंजन), सर्दी-खांसी नाशक चूर्ण, हर्बल कॉफी चूर्ण, महिला मित्र चूर्ण, हर्बल मधुमेह नाशक चूर्ण, हर्बल फेसपैक चूर्ण तथा हर्बल केशपाल चूर्ण का निर्माण किया जा रहा है।

आर्थिक दृष्टि से हरिबोल स्व सहायता समूह ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में समूह द्वारा 20.52 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित की जा रही है तथा प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये की वनौषधियों का विक्रय किया जाता है। इससे प्रत्येक सदस्य को औसतन 1.71 लाख रुपये प्रति वर्ष की आमदनी प्राप्त हो रही है। बीते दो वर्षों में समूह का विक्रय एवं लाभ दोनों दोगुने हुए हैं, जहां पूर्व में वार्षिक लाभ 10.68 लाख रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर 20.52 लाख रुपये हो गया है।

वन मंडलाधिकारी कटघोरा  कुमार निशांत ने बताया कि यह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र समूह से जुड़ी महिलाओं को स्थायी रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है। महिलाएं अपनी आय से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य उपचार, घरेलू आवश्यकताओं एवं त्यौहारों के खर्चों को सहजता से पूरा कर रही हैं। समूह की महिलाएं मासिक अंशदान के माध्यम से आपसी सहयोग, ऋण व्यवस्था और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत कर रही हैं।

हरिबोल स्व सहायता समूह की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2008 में फिलिप्स बहादुरी पुरस्कार प्राप्त करने के साथ ही भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन संघ (ट्राइफेड), भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में वनधन विकास केंद्र, डोंगानाला को राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम प्रकार के वनोत्पाद निर्माण एवं विपणन हेतु प्रथम पुरस्कार तथा अधिकतम विक्रय हेतु द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, केंद्रीय मंत्री  अर्जुन मुंडा द्वारा प्रदान किया गया।

हरिबोल स्व सहायता समूह की यह सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब महिलाओं की पारंपरिक जानकारी को आधुनिक प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाता है, तब वनोपज न केवल आजीविका का साधन बनते हैं, बल्कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं। 


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 02 March 2026
रायपुर । उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार के अपने नागपुर प्रवास के दौरान भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) के धवईपानी…
 02 March 2026
रायपुर। रंगों का पावन पर्व होली इस बार जिले में कुछ खास होने जा रहा है। जहां जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत भनौरा के…
 02 March 2026
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी समुदायों से…
 02 March 2026
अम्बिकापुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) अंतर्गत  प्रातः 10.00 बजे से 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल, जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर में जिला स्तरीय विशेष हृदय रोग जांच (कार्डियक स्क्रीनिंग) शिविर…
 02 March 2026
रायपुर। प्रदेश में मार्च की शुरुआत होते ही गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4…
 02 March 2026
अंबिकापुर। शहर के बौरीपारा क्षेत्र में एक 23 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की…
 02 March 2026
बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के मल्हार में रहने वाली युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया…
 02 March 2026
रायपुर । देशभर में होली का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा। 3…
 02 March 2026
रायपुर। राजधानी के न्यू राजेन्द्र नगर स्थित विशेष बच्चों के विद्यालय अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल में गुलाब एवं गेंदा फूल की पंखुडिय़ों तथा हर्बल गुलाल से हर्बल होली का आयोजन किया…
Advt.