दिग्गज फिल्म एक्टर राज कपूर को अपनी ड्रीम प्रोजेक्ट 'मेरा नाम जोकर' (1970) के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के बाद गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, 'बॉबी' (1973) की अपार सफलता ने उनके करियर को पुनर्जीवित कर दिया। इन दोनों फिल्मों के बीच के तीन साल एक्टर के लिए बहुत मुश्किल थे, क्योंकि उन्हें अपनी अगली फिल्म बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। तब उनके पिता पृथ्वीराज कपूर को कैंसर भी हो गया था।हाल ही में एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में, कपूर परिवार से गहराई से जुड़ी लेखिका बीना रमानी ने उस समय को याद किया जब राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उनके पिता पृथ्वीराज कपूर अमेरिका में कैंसर का इलाज करवा रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार उन्होंने राज कपूर को रात में मुश्किल समय के बाद यीशु की तस्वीर को गाली देते हुए देखा था।
राज कपूर पिता के कैंसर से टूट गए थे
इस बेबाक बातचीत के दौरान बीना ने बताया कि जब राज कपूर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, तो वे बस से सफर करते थे और सैन फ्रांसिस्को स्थित उनके घर में फर्श पर सोते थे। बीना ने कहा, 'उन दिनों मेरे पति एंडी रमानी न्यूयॉर्क में एयर इंडिया में काम करते थे। मेरे दो छोटे बच्चे थे। राज कपूर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। फिल्म 'मेरा नाम जोकर' बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी और उनके पिता कैंसर से पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती थे। एंडी को ऑफिस जाने के लिए बस लेनी पड़ती थी, राज कपूर भी बस से ही सफर करते थे।'
बीना रमानी पकाती थीं राज के लिए खाना
बीना रमानी कभी-कभी उनके लिए खाना बनाती थीं, लेकिन उन्हें बीना के बच्चों के साथ खेलना बहुत पसंद था। उन्होंने बताया, 'मेरे दो बेडरूम थे, एक मेरे दो बच्चों के लिए, दूसरा एंडी के लिए। कोई डाइनिंग एरिया नहीं था, बस खुली जगह थी, कोई दीवार नहीं थी। मैं उनके लिए खाना बनाती थी, साथ ही एक-दो इंडियन ढाबे भी थे। वो गद्दे पर सोते थे, हमेशा ज़मीन पर। मेरे छोटे बच्चे उनके साथ खेलते थे, उन्हें बच्चे बहुत प्यारे थे।'राज कपूर हर धर्म में करते थे विश्वास
बीना ने यह भी बताया कि राज हिंदू थे, लेकिन सभी धर्मों में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा, 'वो हिंदू थे, लेकिन इस्लाम में भी विश्वास रखते थे। वो बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके पास साईं बाबा की तस्वीर, गणेश जी की छोटी सी मूर्ति और फ्रेम में यीशु की तस्वीर थी। एक दिन रात को वह चिल्ला रहे थे और मैं यह देखने के लिए बाहर आई कि क्या हुआ। अस्पताल से बुरी खबर मिलने के बाद वह ज्यादातर समय परेशान रहते थे। वह तंग आ चुके थे, उनके पिता की तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था, और भी बहुत कुछ कह रहे थे।'
यीशु को गालियां दे रहे थे राज कपूर
उन्होंने आगे बताया, 'उनके हाथ में यीशु की तस्वीर थी और वह हिंदी और अंग्रेजी में उन्हें गालियां दे रहे थे। मैंने उनसे पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे प्रेम किया है, अपना पूरा प्रेम उन्हें दिया है, उन्होंने भी मुझे प्रेम लौटाया है, उनकी हिम्मत कैसे हुई मुझे निराश करने की?’ उनकी सोच यह थी कि अगर आप अपने भगवान से बात नहीं करेंगे, तो कोई आपकी बात नहीं सुनेगा।'