क्या है रेपो रेट?
- रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को पैसा उधार देता है। यह मौद्रिक नीति का एक बड़ा जरिया है।
- जब रेपो रेट कम होता है तो ग्राहकों और कंपनियों के लिए बैंकों से लोन लेना सस्ता हो जाता है।
- अगर एमपीसी दरों को स्थिर रखती है तो इसका मतलब है कि रिजर्व मौजूदा महंगाई और विकास की स्थिति से संतुष्ट है और कोई भी अगला कदम उठाने से पहले पिछले कटौतियों के असर को देखना चाहता है।
अभी तक कितनी हुई कटौती?
- दिसंबर 2025 में एमपीसी ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके इसे 5.25% कर दिया था और अपनी तटस्थ (neutral) नीतिगत मंजूरी बनाए रखी थी। इससे पहले भी दरें घटाई गई थीं।
- पूरे 2025 के दौरान रिजर्व बैंक ने विकास को सहारा देने और वित्तीय स्थितियों को आसान बनाने के लिए कई बैठकों में धीरे-धीरे रेपो रेट में कुल 100 bps की कटौती की थी।
- यह कटौती ऐसे समय में हुई थी जब महंगाई कम हो रही थी और विकास दर ठीक-ठाक थी। इन परिस्थितियों ने केंद्रीय बैंक को वित्तीय स्थिरता पर नजर रखते हुए नीति को आसान बनाने का मौका दिया था।


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