सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने जान जोखिम में डालने के लिए उसकी आलोचना की। कुछ ने सवाल उठाया कि क्या उसकी कंपनी जिम्मेदार है। @Sanjay_2712 नाम के एक यूजर ने लिखा, '70 घंटे और 90 घंटे प्रति सप्ताह काम करने के मॉडल का असर। यहां वह महिला ऐसा करके कुछ समय बचाने की सोच रही होगी, ताकि घर के काम निश्चिंत होकर कर सके और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिता सके। लेकिन गाड़ी चलाते समय काम करने के लिए बिल्कुल 'नहीं'।'
वहीं एक अन्य यूजर, @anon062002 ने लिखा, 'उस शख्स को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया जिसने उसे कार से काम करने के लिए मजबूर किया?'